प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का ''स्वच्छ भारत अभियान'' पर संदेश इस प्रकार है-
''प्रिय मित्रों,
मुझे विश्वास है, आपने कई बार सुना होगा कि जहां स्वच्छता होती है वहीं देवताओं का वास होता है, लेकिन जब व्यवहारिकता की बात आती है तो स्थिति अक्सर विपरीत मिलती है।
हम, 02 अक्तूबर को भारत को स्वच्छ बनाने के लिए बड़े स्तर पर जन आंदोलन ‘’स्वच्छ भारत अभियान’’ आरम्भ कर रहे हैं। वर्ष 2019 में जब हम बापू की 150वीं जयंती मना रहे होंगे तो एक स्वच्छ भारत उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगा। महात्मा गांधी ने अपना पूरा जीवन स्वराज्य प्राप्ति के लिए अर्पित कर दिया, अब समय आ गया है कि हम अपनी मातृभूमि की स्वच्छता के लिए स्वयं को समर्पित कर दें।
मैं, आप में से हरेक से आग्रह करता हूं कि स्वच्छता के लिए प्रत्येक सप्ताह दो घंटे यानि प्रतिवर्ष लगभग एक सौ घंटे का योगदान दें। हम अब भारत को और अधिक अस्वच्छ नहीं रहने दे सकते। 02 अक्तूबर को मैं स्वयं इस पावन कार्य के लिए झाड़ू लेकर निकलूंगा।
मैं, आज हरेक उस व्यक्ति, विशेषकर राजनीतिक और धार्मिक नेताओं, महापौर, सरपंचों और उद्योग जगत के अग्रजों से अपील करता हूं कि वे शहरों और आसपास के क्षेत्रों, गांवों, कार्यस्थलों और यहां तक कि अपने घरों की स्वच्छता की कार्य-योजना बनाकर मनोयोग से उसे क्रियान्वित करने में जुट जाएं। मैं, स्वच्छ भारत के निर्माण के इस सामूहिक प्रयास में आप सबकी भागीदारी और सक्रिय योगदान का अनुरोध करता हूं।''
नयी सोच _ युवाओं को प्रोत्साहित करने और जमीनी स्तर पर उन्हें सुविधाएं जुटाने में सहायता करने लिये मोदी सरकार की योजना 'स्टार्ट अप इंडिया' की शुरुआत हो गई है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने शनिवार सुबह अभियान का शुभारंभ किया. स्टार्ट अप इडिंया स्टैंड अप इंडिया की औपचारिक शुरुआत हो गई है. योजना की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि देश में लाइसेंस राज को खत्म किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि 'स्टार्ट-अप इंडिया' पहल के लांच के बाद वह स्टार्ट-अप उद्यमियों से बातचीत करेंगे. मोदी ने ट्वीट किया, "आज शाम (शनिवार) 'स्टार्ट अप इंडिया' अभियान को शुरू करने के लिए कार्यक्रम में मौजूद रहूंगा. स्टार्ट-अप उद्यमियों से मुखातिब होने का इंतजार कर रहा हूं."
अपने दूसरे ट्वीट में मोदी ने लिखा, "सरकार का 'स्टार्ट-अप इंडिया' अभियान आज (शनिवार) से शुरू होने जा रहा है. यह अभियान युवाओं की ऊर्जा और उद्यमी भावना को दर्शाता है." इस योजना से देश में स्टार्टअप्स यानी नए कारोबारों को शुरू करने में सरकार की तरफ से मिलने वाली सहुलियतों का ऐलान हो सकता है.
अमेरिका की सिलिकॉन वैली के 40 सीईओ खास तौर से इस कार्यक्रम के लिए आ रहे है, जिसमें सॉफ्ट बैंक सीईओ मासायोसी सन, उबर फाउंडर ट्राविस कालानिक, वीवर्क फाउंडर एडम न्यूमैन भी शामिल होंगे. इसके अलावा सॉफ्टबैंक के प्रेसिडेंट नीकेश अरोड़ा, पेटीएम प्रमुख विजय शेखर शर्मा, स्नैपडील फाउंडर कुणाल बहल, ओला के फाउंडर भवेश अग्रवाल, गूगल के वाइस प्रेसिडेंट राजन आनंदन, फ्लिपकार्ट के फाउंडर सचिन बंसल और इनमोबी के फाउंडर नवीन तिवारी के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है.
देश में स्टार्टअप की संख्या हर साल बढ़ रही है. साल 2010 में 480 स्टार्टअप शुरू हुए थे. इसके बाद संख्या बढ़ती गई. साल 2011 में 525, जबकि 2012 में 590 स्टार्टअप शुरू हुए. 2013 में 680 और फिर 2014 में 805 स्टार्टअप शुरू हुए. 2015 में ये आंकड़ा एक हजार के पार हो गया. इस साल सबसे ज्यादा यानी 1200 स्टार्टअप शुरू हुए.
देश मे स्टार्टअप शुरू करने का बेहतर समय है. दुनिया तेजी से बदल रही है. सब कुछ ऑनलाइन हो रहा है. जाहिर है, आपका एक अच्छा आइडिया न सिर्फ बदलाव की वजह बन सकता है, बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार का अवसर बन सकता है. भारत में स्नैपडील, पेटीएम, फ्लिपकार्ट, ओयो रूम्स और ओला इसके उदाहरण हैं.
स्टार्टअप के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना भी आसान बनाया जाएगा. मसलन, कोई भी स्टार्टअप वेबपोर्टल या मोबाइल App पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेगा. इसके अलावा नए कारोबारी को बिजनेस शुरू करने के लिए किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी, क्या शर्तें पूरी करनी होगी, यह सब पोर्टल और App पर मौजूद होगा.
स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया युवा पीढी के लिए एक बहुत बड़ा अवसर लेकर आयी है.
स्टार्ट अप अभियान का मकसद निचले स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देना है.
इस योजना से देश में स्टार्टअप्स यानी नए कारोबारों को शुरू करने में सरकार की तरफ से मिलने वाली सहुलियतों का ऐलान हो सकता है.
छोटी बड़ी हर कंपनी स्टार्टअप में आना चाहती है इस योजना के तहत एक स्पेशल फंड रखा जाएगा. इस फंड से ऐसी महिलाओं और अनुसूचित जाति को स्टार्टअप के लिए मदद दी जाएगी. इसके लिए 8 हजार करोड़ के फंड को मंजूरी दी गई है.
एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्टार्टअप की दुनिया की शुरुआत करने वाले की औसत उम्र 28 साल है. दुनिया भर के निवेशकों ये बात सबसे ज्यादा आकर्षित कर रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में करीब 4200 स्टार्टअप हैं और सरकार नई पॉलिसी के जरिए पांच साल बाद यानी साल 2020 तक देश में 11 हजार से ज्यादा स्टार्टअप तैयार होने की उम्मीद कर रही है.
नैसकॉम की साल 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत स्टार्टअप के मामले में अमेरिका और ब्रिटेन के बाद दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच चुका है. स्टार्टअप की रफ्तार कुछ ऐसी है कि साल 2014 में 179 स्टार्टअप में 14500 करोड़ का निवेश हुआ जबकि 2015 में 400 स्टार्टअप में करीब 32 हजार करोड़ का निवेश हुआ है. यानि हर हफ्ते करीब 625 करोड़ रुपए.
नव वर्ष की आपको शुभ कामनाये
मैंने काफी समाये अपने ब्लॉग बनाये रखी
पर मुझे लगा की मुझे वापसी करनी चिए
शायद मैं अब आपको हर सम्भब एन्टेरिमेंट करने का प्रयास करूंगा
हेल्लो . दोस्तों ........... मुझे अफ़सोस है की में अपने ब्लॉग को समय नही दे पाता
इसलिए मैं जल्द ही कुछ अच्छे पोस्ट करने वाला हूँ पसंद तो कमेन्ट जरुर लिखना -
nitinisking
सोमवार, जनवरी 09, 2012
मेहनत करो तो . दुनिया सब कुछ है पाना है आसन , दोलत , खुशिया प्यार ,इज्ज़त
पर मेहनत नहीं करोगे तो सब कुछ cheen भी लेती है ये दुनिया ,,,,
असल जिन्दगी मैं जीतता वो नहीं जो apne अंहम को साथ लेकर चले .
जीतता तो वो है जो गलतिय करे जिन्दगी म और उससे सबक सिख कर आगे बड़े
जो इन्सान जितनी गलतिय karta है उतना ही मजबूत banta है
कामयाबी उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है पंखों से कुछ नहीं होता, हौंसलों से उड़ान होती है…
अगर जिंदगी में कुछ कर गुजरने की तमन्ना रखते हो, तो सपने देखो, वह भी खुली आंख से. जिसने सपना ही नहीं देखा वह क्या खाक आगे बढ़ेगा. मेरा मानना है कि अगर आपको शिकार करने का शौक है, तो शेर का करिए, चूहे-बिल्ली, गीदड़ व अन्य छोटे-मोटे जानवर तो खुद ही भाग जाएंगे. अगर आप छोटे शिकार में अपना वक्त जाया करेंगे तो हो सकता है कि शेर किसी भी वक्त आपका काम तमाम कर दे. कहने का मतलब है कि आप जिस फील्ड में भी जाना चाहते है, उस फील्ड के सर्वोच्च शिखर को फतह करने की बात हर वक्त आपके दिल और दिमाग में होनी चाहिए. कामयाबी अचानक नहीं मिला करती है, उसके लिए निरंतर प्रयास करना होता है. और जब अपने लक्ष्य को पाने के लिए ईमानदारी से प्रयास किए जाते है तो निश्चित तौर पर कामयाबी आपके कदम चूमती है. लेकिन हमारा दुर्भाग्य है कि आमतौर पर हम यह सब नहीं कर पाते. क्योंकि हमने जीवन के लिए कोई लक्ष्य ही निर्धारित नहीं किया होता है, जिसके फलस्वरूप हम छोटे-छोटे लक्ष्यों को पूरा करने में ही अपना वक्त लगा देते है. और फिर जब कभी हमारा सामना किसी कामयाब शख्स से होता है तो हमारे दिल में चुभन सी पैदा हो जाती है. आखिर कामयाबी ने इसकी ओर कैसे रूख कर लिया. जबकि हम सभी एक ही राह के राही थे.मसलन हमारी पढ़ाई-लिखाई, जीवन स्तर उससे बेहतर था. लेकिन हम भूल जाते है उसने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के सहारे अपने लिए नामुमकिन लक्ष्य को हासिल किया, जबकि हम सिर्फ अपने घमंड के कारण अपनी ही धुन में लगे रहे. अनेक उदाहरण मौजूद है कि जिनको कभी समाजिक तौर पर अहमियत न दी गई और उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इतिहास बना दिया और आने वाली पीढिय़ों के लिए प्रेरणास्रोत बन गए क्योंकि उन्होंने अपने लिए जिन लक्ष्यों को निर्धारित किया, वह उन्होंने हासिल भी किए. इसलिए जरूरी है कि अगर कुछ कर गुजरने की इच्छा हो तो सपने जरूर देखो, क्योंकि जब सपना होगा, तभी उसको पूरा करने की इच्छा होगी, और जब इच्छा होगी, तो योजना भी जरूर बनेगी और जब योजना बनेगी तो साकार भी जरूर होगी और जब योजना साकार रूप में हमारे सामने आएगी तो कामयाबी जरूर कदम चूमेगी. इसके लिए सिर्फ-सिर्फ हमको ईमानदार होनाहोगा.
हेल्लो दोस्तों . हैप्पी न्यू इयर ..... और मैं स्वागत करता हूँ २०१२ ..... का और कोशिश करूँगा इस ब्लॉग पर नए और खुबसूरत अपडेट देने का , और आशा करूँगा आप मेरे ब्लॉग को अधिक पसंद करने लगोगे
बस एक बात कहना चाहता हूँ
२०१२ मैं कुछ ऐसा करो की आपकी लाइफ और मज़ेदार हो जाये /
बस ध्यान रखना आप कुछ गलत न करे
( jindgi और ब्लोगिंग मैं जीतता वो नहीं जो सबसे आगे रहे . जीतता था तो वो है जो achha लिखे )
बुधवार, अप्रैल 20, 2011
होसले है बुलंद
चारो तरफ था अनदेरा , बस एक चमक का सहारा था
मिट गयी थी मेरी चमक, मिट गए थे इरादे
सोचो वो क्या नज़ारा था,
सांसे थी चल रही पर , जीने का न इरादा था
बस कुछ दो पल था मेरा , बाकि सब झूठा सहारा था
सोचो वो क्या नज़ारा था ,
मिट गयी थी रहे मेरी , पीछे न हटने का इरादा था ,
रस्ते थे कठिन पर रुकने का न इरादा था ,
सोचो वो क्या नज़ारा था ,
दिल मैं था एक सपना , और उसे सच करने का इरादा था
मंजिल नहीं दूर अब , पूरा करना है सपना अपना
सोचो वो क्या नज़ारा है
नितिन sharma .......................
मंगलवार, मार्च 22, 2011
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